लोन रिकवरी एजेंट के लिए नए नियम लागू अब नहीं कर सकते मनमानी Loan Recovery Agent Rules
Loan Recovery Agent Rules लोन रिकवरी एजेंट की मनमानी को रोकने के लिए रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया द्वारा नए नियम लागू किए गए हैं।
अब कोई भी लोन रिकवरी एजेंट गुंडागर्दी या फिर डरा धमका कर वसूली नहीं कर सकता है देश में लोन रिकवरी एजेंट द्वारा की जाने वाली मनमानी और गुंडागर्दी की शिकायतों को देखते हुए भारतीय न्यायालय और आरबीआई द्वारा सख्त कदम उठाए गए हैं।
आम लोगों से कर्ज वसूलने के लिए एजेंट द्वारा डराया धमकाया जाता है जिसके लिए कोर्ट और नियामक संस्थाओं द्वारा नए नियम एवं दिशा निर्देश जारी किए हैं।
अब लोन रिकवरी एजेंट इन नियमों एवं कानून कायदों के अंदर रहकर वसूली कर सकते हैं
सुप्रीम कोर्ट द्वारा वर्षों से चले आ रहे लोन रिकवरी एजेंट के द्वारा किए जाने वाले अत्याचार को लेकर विचार किया गया है।
अभी यदि कोई व्यक्ति अपना लोन समय पर नहीं चुका पाता है तो रिकवरी एजेंट द्वारा उसको डरा धमका कर या उत्पीड़न किया जाता है जिस कारण कई व्यक्ति डिप्रेशन में जाकर गलत कदम उठा लेता है।
जिसके चलते आरबीआई एवं सुप्रीम कोर्ट द्वारा रिकवरी एजेंट के लिए नए नियम लागू किए गए हैं हाल ही में एक व्यक्ति द्वारा उसकी पूरी राशि चुकाने के बाद उसकी बस लोन रिकवरी एजेंट द्वारा वापस नहीं लौटी गई कोर्ट ने राज्य पुलिस को 2 महीने के भीतर एजेंट के खिलाफ कार्रवाई करके पीड़ित को मुआवजा देने का निर्देश दिया।
कोर्ट ने स्पष्ट रूप से का है कि लोन की वसूली के लिए जबरन किसी संपत्ति या ग्राहक को धमकाना गैर कानूनी माना जाएगा एवं एजेंट के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यदि कोई एजेंट जबरदस्ती संपत्ति जब्त करता है या ग्राहक को धमकता है तो उसे भारतीय दंड संहिता की धारा 406 420 और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है।
Loan Recovery Agent Rules आरबीआई के नए दिशा निर्देश
अब कोई भी लोन रिकवरी एजेंट आपकी संपत्ति जबरन जब्त नहीं कर सकता है आरबीआई ने लोन रिकवरी एजेंट की मनमानी को रोकने के लिए नए नियम लागू किए गए हैं:-
- रिकवरी एजेंट को अब पुलिस वेरिफिकेशन एवं 100 घंटे की अनिवार्य ट्रेनिंग से गुजरना होगा।
- एजेंट सुबह 7:00 से शाम 7:00 के मध्य ग्राहकों से संपर्क कर सकता है किसी भी प्रकार की अभद्र भाषा धमकी या शारीरिक हिंसा का इस्तेमाल करके वसूली नहीं कर सकता है
- बैंक की वेबसाइट पर रिकवरी एजेंसियों को संपूर्ण जानकारी सार्वजनिक एवं पारदर्शिता के साथ करनी होगी।
- अगर यदि कोई ग्राहक गलत है तो उसे लिखित नोटिस भेजना अनिवार्य है।
- यदि कोई व्यक्ति लोन की किस्त ने चुका पाने में असमर्थ हैं तो यह एक सिविल विवाद है न की आपराधिक मामला इसलिए रिकवरी एजेंट को पुलिस की तरह व्यवहार करने का अधिकार नहीं है।
अगर कोई रिकवरी एजेंट नियमों का उल्लंघन करता है तो ग्राहक एजेंट के खिलाफ सीधे पुलिस से शिकायत दर्ज करवा सकते हैं इसके अलावा आप आरबीआई को लिखित में शिकायत भेज सकते हैं।
Loan Recovery Agent Rules
संपर्क का समय अब कोई भी लोन रिकवरी एजेंट सुबह 7:00 से शाम 7:00 तक व्यक्तिगत या ऑनलाइन संपर्क कर सकते हैं इस समय के बाद किसी भी प्रकार से कॉल या व्यक्तिगत रूप से मिलकर लोन रिकवरी से संबंधित बात नहीं कर सकते हैं
धमकी पर रोक:- यदि किसी ग्राहक द्वारा समय पर किस्त जमा नहीं करवा सकता है तो किसी भी प्रकार की मौखिक या लिखित रूप से धमकी नहीं दे सकते हैं और नहीं किसी भी प्रकार से शारीरिक उत्पीड़न या गैर कानूनी कार्य कर सकते हैं।
किसी भी प्रकार की संपत्ति को जब्त करना है तो उसके लिए पहले कोर्ट का आदेश होना अनिवार्य है संपत्ति को जब्त करते समय पारदर्शिता का पालन करना होगा।